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वाराणसी

उत्तर प्रदेश जिला गाइड

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इस जगह को करीब से जानें

वाराणसी जिला गाइड

वाराणसी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है, जिसका मुख्यालय Varanasi है। यह गाइड production travel website के लिए प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक, बाजार और स्थानीय संस्कृति से जुड़े स्थानों को कवर करती है।

3000+ वर्ष

काशी की प्राचीनता

वाराणसी को विश्व की प्राचीन जीवित नगरियों में गिना जाता है और यह सदियों से ज्ञान, धर्म, संगीत, शिल्प और गंगा संस्कृति का केंद्र रही है।

बौद्ध विरासत

सारनाथ और धर्मचक्र प्रवर्तन

सारनाथ वह स्थान है जहां बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद पहला उपदेश दिया। धामेक स्तूप, चौखंडी स्तूप और संग्रहालय इसकी विरासत दिखाते हैं।

संस्कृति

बनारसी कला, संगीत और रेशम

वाराणसी बनारसी साड़ी, रेशम-ब्रोकेड, शास्त्रीय संगीत, शहनाई, योग, संस्कृत और गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है।

थोड़ा रास्ता बदलने की गुंजाइश रखें

वे जगहें जो याद रहेंगी।

Shree Kashi Vishwanath Temple in Varanasi, Uttar Pradesh
ज्योतिर्लिंग मंदिर

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर

भगवान शिव को समर्पित काशी का प्रमुख ज्योतिर्लिंग मंदिर और शहर की सबसे बड़ी धार्मिक पहचान।

काशी विश्वनाथज्योतिर्लिंगशिव
घाट

गंगा घाट

वाराणसी के गंगा घाट स्नान, आरती, नाव यात्रा, साधना और शहर की जीवित संस्कृति का केंद्र हैं।

गंगाघाटआरती
आरती घाट

दशाश्वमेध घाट

गंगा आरती के लिए सबसे प्रसिद्ध घाटों में एक।

दशाश्वमेधगंगा आरतीघाट
घाट / सांस्कृतिक स्थल

अस्सी घाट

अस्सी क्षेत्र का प्रमुख घाट, सुबह-ए-बनारस, योग, संगीत और गंगा किनारे वातावरण के लिए प्रसिद्ध।

अस्सीघाटसुबह-ए-बनारस
मोक्ष घाट

मणिकर्णिका घाट

वाराणसी का प्राचीन दाह संस्कार घाट, मोक्ष और काशी की मृत्यु-संस्कार परंपरा से जुड़ा स्थान।

मणिकर्णिकामोक्षघाट
Sarnath in Varanasi, Uttar Pradesh
बौद्ध तीर्थ

सारनाथ

वाराणसी से लगभग 10 किमी दूर बौद्ध तीर्थ, जहां बुद्ध ने पहला उपदेश दिया।

सारनाथबुद्धबौद्ध
Dhamek Stupa at Sarnath
स्तूप

धामेक स्तूप

सारनाथ का प्रमुख स्तूप, बौद्ध धर्मचक्र प्रवर्तन परंपरा से जुड़ा।

धामेक स्तूपसारनाथबौद्ध
Chaukhandi Stupa at Sarnath
स्तूप

चौखंडी स्तूप

सारनाथ का ऐतिहासिक स्तूप, बौद्ध तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख स्मारकों में शामिल।

चौखंडी स्तूपसारनाथबौद्ध
संग्रहालय

सारनाथ पुरातत्व संग्रहालय

सारनाथ से प्राप्त बौद्ध मूर्तियों, अवशेषों और अशोककालीन कला का संग्रहालय।

संग्रहालयसारनाथबौद्ध कला
Saint Ravidas Temple in Varanasi, Uttar Pradesh
धार्मिक स्थल

संत रविदास मंदिर

सीर गोवर्धन क्षेत्र में संत रविदास जी की जन्मस्थली से जुड़ा भव्य मंदिर।

रविदाससीर गोवर्धनमंदिर
देवी मंदिर

मां अन्नपूर्णा मंदिर

काशी विश्वनाथ के पास स्थित देवी अन्नपूर्णा का मंदिर।

अन्नपूर्णाकाशीमंदिर
धार्मिक स्थल

काल भैरव मंदिर

काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है। यह प्राचीन मंदिर बहुत महत्वपूर्ण है।

काल भैरवकाशी कोतवालमंदिर
आधुनिक मंदिर

नया विश्वनाथ मंदिर BHU

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर का आधुनिक विश्वनाथ मंदिर।

BHUनया विश्वनाथमंदिर
धार्मिक / साहित्यिक स्थल

तुलसी मानस मंदिर

तुलसीदास और रामचरितमानस परंपरा से जुड़ा मंदिर।

तुलसी मानसरामचरितमानसमंदिर
हनुमान मंदिर

संकट मोचन मंदिर

हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर, जिसे गोस्वामी तुलसीदास से जोड़ा जाता है।

संकट मोचनहनुमानमंदिर
देवी मंदिर

दुर्गा मंदिर और दुर्गाकुंड

अठारहवीं सदी का प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर, नागर शैली और दुर्गाकुंड के कारण विशिष्ट।

दुर्गा मंदिरदुर्गाकुंडनागर
राष्ट्रीय मंदिर

भारत माता मंदिर

1936 में महात्मा गांधी द्वारा उद्घाटित मंदिर, जिसमें संगमरमर पर भारत का मानचित्र है।

भारत मातामानचित्रगांधी
Ramnagar Fort in Varanasi
किला / संग्रहालय

रामनगर किला और संग्रहालय

गंगा के पार रामनगर का किला और संग्रहालय, शाही संग्रह और पुरानी वस्तुएं प्रदर्शित करता है।

रामनगरकिलासंग्रहालय
शिल्प / बाजार

बनारसी रेशम और ब्रोकेड बाजार

बनारसी साड़ी, रेशम, जरी और ब्रोकेड वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध शिल्प पहचान हैं।

बनारसी रेशमब्रोकेडशिल्प
आम रास्ते से थोड़ा अलग

जो शायद आपसे छूट रहा है।

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कुछ स्थानीय स्वाद चखें

वाराणसी का खाना

वाराणसी में Kachori-sabzi, Banarasi paan, malaiyyo and sweets लोकप्रिय हैं। स्थानीय बाजारों और यात्रा मार्गों पर क्षेत्रीय उत्तर प्रदेश स्वाद के साथ उत्तर भारतीय भोजन मिलता है।

गोदौलिया / चौक / घाट क्षेत्र

कचौड़ी-सब्जी और जलेबी

सुबह का पारंपरिक बनारसी नाश्ता, तीखी सब्जी और कचौड़ी के साथ जलेबी।

चौक / गोदौलिया

बनारसी पान और ठंडाई

बनारसी पान, ठंडाई और लस्सी शहर की मेहमाननवाजी और घाट-यात्रा का हिस्सा हैं।

सर्दियों के बाजार

मलइयो और चूड़ा-मटर

सर्दियों में मिलने वाली मलइयो और चूड़ा-मटर बनारस के मौसमी स्वाद हैं।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

वन · वर्षा · विराम
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Before you set off.

अक्टूबर से मार्च घूमने के लिए बेहतर समय है। गर्मियों में दोपहर की यात्रा से बचें।

अप्रैल - जून · 35°C-44°C

गर्मी का मौसम

दोपहर गर्म रहती है; घाट और मंदिर सुबह या शाम बेहतर हैं।

जुलाई - सितंबर · 29°C-36°C

मानसून / वर्षा ऋतु

गंगा तट सुंदर दिखता है, लेकिन जलस्तर और फिसलन का ध्यान रखें।

अक्टूबर - मार्च · 12°C-27°C

सर्दी का मौसम

घाट, मंदिर, सारनाथ और भोजन यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम।

रेल मार्ग

Rail Connectivity

  • वाराणसी कैंट / बनारस / काशी — शहर और मंदिर क्षेत्रों के लिए प्रमुख रेल पहुंच।
  • पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन — लंबी दूरी मार्गों के लिए वाराणसी से लगभग 16 किमी दूर महत्वपूर्ण जंक्शन।

हवाई / सड़क मार्

Air and Road

  • लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट, बाबतपुर — वाराणसी से लगभग 22 किमी दूर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संपर्क वाला एयरपोर्ट।
  • सड़क नेटवर्क — प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, पटना और अन्य शहरों से सड़क संपर्क।