शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार
कानपुर लखनऊ हाईवे पर नवाबगंज पक्षी विहार, जिसका 2015 में नाम बदला गया, झील, प्रवासी पक्षी, हिरण पार्क, वॉचटावर और नौका विहार के लिए प्रसिद्ध है।
उत्तर प्रदेश जिला गाइड
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उन्नाव उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है, जिसका मुख्यालय Unnao है। यह गाइड production travel website के लिए प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक, बाजार और स्थानीय संस्कृति से जुड़े स्थानों को कवर करती है।
उन्नाव जिला इतिहास बताता है कि यह क्षेत्र प्राचीन कोसल और बाद में अवध का भाग था, जहां कई स्थलों पर प्राचीन अवशेष मिलते हैं।
आधिकारिक इतिहास चीनी यात्री ह्वेनसांग के मार्ग को ना फो ती पो कु लो से जोड़ता है, जिसे कुछ विद्वान बांगरमऊ के पास नवल, औंधा खेड़ा या लौटा शहर से पहचानते हैं।
अवध के विलय के बाद जिला पुरवा अस्तित्व में आया और मुख्यालय बाद में उन्नाव स्थानांतरित हुआ। 1869 में जिले ने वर्तमान रूप लिया और उन्नाव नगर नगरपालिका बना।
ओडीओपी उन्नाव की पहचान जरी जरदोजी से करता है, जबकि जिला उत्पाद सामग्री टैनिंग और चमड़ा उद्योग को वस्त्र और हैंडलूम गतिविधि के साथ प्रमुख उद्योग बताती है।
कानपुर लखनऊ हाईवे पर नवाबगंज पक्षी विहार, जिसका 2015 में नाम बदला गया, झील, प्रवासी पक्षी, हिरण पार्क, वॉचटावर और नौका विहार के लिए प्रसिद्ध है।
अचलगंज के पास राजा हरबंस द्वारा 1643 में बसाया गया गांव, जो पुराने सुंदर भवन, द्वार सज्जा और अवध भवन इतिहास से जुड़े अवशेषों के लिए जाना जाता है।
उन्नाव से लगभग 51 किमी दक्षिण पूर्व गंगा किनारे गांव, जो बकेश्वर या नागेश्वर नाथ महादेव, राजा राम बख्श सिंह और कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेले से जुड़ा है।
मां कुशहरी देवी को समर्पित मंदिर, जिन्हें दुर्गा या शक्ति रूप में पूजा जाता है और भक्त स्वास्थ्य, समृद्धि व परिवार कल्याण के लिए आते हैं।
गंगा नदी के पास परियर गांव का शांत धार्मिक स्थल, जिसे जिला रुचिकर स्थलों में सूचीबद्ध करता है।
भगवान शिव के सहस्रलिंगेश्वर रूप को समर्पित मंदिर, जिसका अर्थ हजार शिवलिंग है और जिसे जिला रुचिकर स्थलों में सूचीबद्ध करता है।
बांगरमऊ के पास प्राचीन स्थल, जिसे कुछ विद्वान ह्वेनसांग के विवरण वाले नवल या नवदेवकुल से पहचानते हैं, जहां अवशेष और पुरानी दरगाह स्मृति मिलती है।
बांगरमऊ क्षेत्र के रामकोट गांव का महत्वपूर्ण प्राचीन स्थल, जिसे जिला इतिहास उन्नाव का शायद सबसे महत्वपूर्ण प्राचीन स्थल बताता है।
उन्नाव का ओडीओपी उत्पाद, जिसमें सोने चांदी रंग के धागे, मोती और पत्थरों से धातु कढ़ाई की जाती है। यह जिले का प्रमुख कारीगर केंद्र है।
जिला उत्पाद पेज टैनिंग को उन्नाव का सबसे बड़ा उद्योग बताता है और चमड़ा वस्तुओं के साथ वस्त्र व संबंधित उद्योगों का उल्लेख करता है।
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छिपी हुई जगह सुझाएँ →उन्नाव में Awadhi food, kachori and sweets लोकप्रिय हैं। स्थानीय बाजारों और यात्रा मार्गों पर क्षेत्रीय उत्तर प्रदेश स्वाद के साथ उत्तर भारतीय भोजन मिलता है।
जिले का आधिकारिक भोजन पेज बक्सर की खुसली को प्रसिद्ध मिठाई और नाश्ता बताता है, जो बक्सर गंगा तीर्थ के साथ अच्छा पड़ाव है।
चकलवंशी चौराहा के काला जामुन को जिला प्रसिद्ध उन्नाव मिठाई और नाश्ता बताता है।
जिला भोजन पेज उन्नाव को कचौड़ी गली के समोसों के लिए पहचानता है, जो यात्रियों के लिए अच्छा शहर नाश्ता है।
कानपुर, लखनऊ और उन्नाव के बीच यात्री हाइवे और शहर बाजारों में शाकाहारी थाली, चाय, पकौड़ी, पूरी सब्जी और मिठाई पर भरोसा कर सकते हैं।
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अक्टूबर से मार्च घूमने के लिए बेहतर समय है। गर्मियों में दोपहर की यात्रा से बचें।
नवाबगंज पक्षी विहार, बक्सर, बदरका हरबंस, गंगा किनारे भ्रमण और शिल्प खरीदारी के लिए श्रेष्ठ मौसम। हाइवे पर सुबह कोहरा हो सकता है।
कानपुर और लखनऊ के बीच मैदानी गर्म मौसम। दोपहर में पक्षी विहार और मंदिर दर्शन छोटा रखें और सुबह जल्दी निकलें।
गंगा और सई नदी क्षेत्र में नमी बढ़ती है और जलभराव हो सकता है। नदी किनारे, कुंड और गांव सड़कों पर सावधानी रखें।
कानपुर लखनऊ हाइवे और रायबरेली दिशा से जुड़ाव
उन्नाव जंक्शन
कानपुर और लखनऊ हवाई अड्डे
नवाबगंज, बक्सर, परियर और बांगरमऊ परिक्रमा