Into the green
Take the scenic route · उत्तर प्रदेश

औरैया

उत्तर प्रदेश जिला गाइड

Forest calmSlow trailsEarthy light
THE MOODMoss, monsoon & forest light
घूमने का सही समयमौसम की जानकारी जल्द आएगी
इतना समय रखेंथोड़ी खोजबीन
स्थानीय खोजें15 जगहें · 0 छिपी खोजें

Know something this guide is missing?Share a hidden place, correction, accessibility detail or seasonal change with our editorial team.

Sign in to suggest
इस जगह को करीब से जानें

औरैया जिला गाइड

औरैया उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जिला है, जिसका मुख्यालय Auraiya है। यह गाइड production travel website के लिए प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक, बाजार और स्थानीय संस्कृति से जुड़े स्थानों को कवर करती है।

आधुनिक जिला गठन

1997 में औरैया जिला बना

औरैया 17 सितंबर 1997 को जिला बना जब औरैया और बिधूना तहसीलों को इटावा से अलग किया गया। नए जिले ने पुरानी इटावा क्षेत्रीय स्मृति रखते हुए अलग प्रशासनिक पहचान बनाई।

रोहिला मराठा अवध काल

किले, फफूंद और दोआब की संघर्षशील राजनीति

आधिकारिक इतिहास इटावा और फफूंद क्षेत्र में रोहिला, मराठा, अवध और ब्रिटिश संघर्षों को दर्ज करता है, जिसमें किले, छावनियां, स्थानीय जमींदार प्रतिरोध और मध्य दोआब में बदलती सत्ता शामिल है।

व्यापार और नदी अर्थव्यवस्था

यमुना, चंबल, घी और हैंडलूम मार्ग

अर्थव्यवस्था अभिलेख फर्रुखाबाद, मैनपुरी, आगरा, ग्वालियर और कानपुर से घोड़े, नाव और नदियों के पुराने व्यापार का वर्णन करते हैं, जिसमें औरैया कृषि उत्पाद, घी और हैंडलूम कपड़े के लिए जाना गया।

मंदिर संस्कृति

देवकली, भगवा काली, बड़ी देवी और गुरैया

औरैया पर्यटन मुख्य रूप से मंदिर आधारित है। देवकली और भगवा काली यमुना के पास हैं, बड़ी देवी को जिले का सबसे पुराना देवी मंदिर माना जाता है और गुरैया अपने चौकोर मंच स्थापत्य के लिए महत्वपूर्ण है।

उद्योग और ओडीओपी

दिबियापुर बिजली, गेल पाता और देसी घी

औरैया उद्योग सामग्री दिबियापुर में एनटीपीसी औरैया और पाता में गेल यूपीपीसी का उल्लेख करती है। ओडीओपी दूध प्रसंस्करण और शुद्ध देसी घी को जिला उत्पाद बताता है, साथ में चावल, दाल और लकड़ी फर्नीचर भी महत्वपूर्ण हैं।

थोड़ा रास्ता बदलने की गुंजाइश रखें

वे जगहें जो याद रहेंगी।

Devkali Temple in Auraiya, Uttar Pradesh
शिव मंदिर

देवकली मंदिर

देवकली मंदिर औरैया जिला मुख्यालय के दक्षिण यमुना के पास स्थित है। आधिकारिक सामग्री के अनुसार कथाएं और परंपराएं इसे 11वीं सदी से जोड़ती हैं, जबकि पुरातात्विक दृष्टि इसे 18वीं सदी का निर्माण मानती है, इसलिए यह आस्था स्थल और विरासत पहेली दोनों है।

Jageshwar Dham Temples in Almora, Uttarakhand
पवित्र शिवलिंग

देवकली मंदिर का शिवलिंग

देवकली शिवलिंग को जिला अलग से सूचीबद्ध करता है क्योंकि यह परिसर का भक्ति केंद्र है। सावन माह में यहां वार्षिक मेला और यमुना किनारे शिव पूजा की विशेष चहल-पहल होती है।

Katarmal Sun Temple in Almora, Uttarakhand
अनुष्ठान स्थल

भगवा काली मंदिर का यज्ञ स्थल

यह यज्ञ स्थल भगवा काली और देवकली मंदिर परिदृश्य का हिस्सा है। इसका महत्व औरैया मंदिर संस्कृति के अनुष्ठानिक पक्ष को दिखाने में है, जहां यज्ञ, शिव पूजा और यमुना किनारे मेले मिलते हैं।

Chitai Golu Devta Temple in Almora, Uttarakhand
मंदिर

भगवा काली मंदिर

भगवा काली मंदिर को आधिकारिक रूप से यमुना के पास बहुत पुराना मंदिर बताया गया है। यह अलग धाम नहीं, बल्कि दक्षिण औरैया की पवित्र पट्टी में देवकली के साथ जुड़ा स्थल है।

Kasar Devi Temple in Almora, Uttarakhand
मंदिर

देवी काली मंदिर

देवी काली मंदिर औरैया पर्यटन की एक और पुरानी मंदिर प्रविष्टि है, जो आधिकारिक सूची में बताए यमुना किनारे पवित्र भूगोल और सावन मेला परंपरा से जुड़ी है।

Ranikhet in Almora district, Uttarakhand
देवी मंदिर

बड़ी देवी मंदिर

फफूंद रोड के पढ़ीन दरवाजा क्षेत्र का बड़ी देवी मंदिर जिले द्वारा औरैया का सबसे पुराना देवी मंदिर माना जाता है। यह शक्ति पूजा और पुराने नगर की स्मृति के लिए महत्वपूर्ण है।

Binsar Wildlife Sanctuary oak forest in Uttarakhand
स्थापत्य मंदिर

गुरैया मंदिर

गुरैया मंदिर को आधिकारिक रूप से प्राचीन स्थापत्य महत्व वाला बताया गया है। चौकोर मंच पर बना शिव मंदिर स्थानीय मंदिर रूप और अनुपात का छोटा पर स्पष्ट उदाहरण देता है।

Bagnath Temple at Bageshwar, Uttarakhand
पुराना मंदिर

कामदेव मंदिर

कामदेव मंदिर को जिला औरैया का बहुत पुराना मंदिर बताता है। इसका महत्व देवकली और मुख्य देवी मंदिरों से आगे शहर के पवित्र मानचित्र को विस्तृत करने में है।

Baijnath Temple Complex in Bageshwar, Uttarakhand
नागरिक स्थल

कलेक्ट्रेट ककोर

औरैया दिबियापुर रोड पर ककोर स्थित कलेक्ट्रेट 1997 के बाद की जिला पहचान का प्रतीक है। यह नागरिक स्थल दिखाता है कि नए जिले ने पुराने नगर केंद्र से बाहर प्रशासन कैसे व्यवस्थित किया।

Kausani Himalayan view in Bageshwar, Uttarakhand
औद्योगिक स्थल

एनटीपीसी औरैया दिबियापुर

दिबियापुर स्थित एनटीपीसी औरैया को आधिकारिक रूप से गैस आधारित विद्युत संयंत्र बताया गया है, जो गेल एचबीजे पाइपलाइन की गैस और औरैया इटावा नहर के जल का उपयोग करता है। यह दिबियापुर को बड़ी औद्योगिक पहचान देता है।

Kanda view in Bageshwar, Uttarakhand
पेट्रोकेमिकल उद्योग

गेल पाता यूपीपीसी

पाता स्थित गेल का उत्तर प्रदेश पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स औरैया के सबसे बड़े औद्योगिक चिह्नों में है। आधिकारिक जिला उद्योग पेज इसे प्राकृतिक गैस अंशों के मूल्य संवर्धन से जोड़ता है।

Pindari Glacier trek landscape in Uttarakhand
ओडीओपी खाद्य

औरैया देसी घी और दूध प्रसंस्करण केंद्र

ओडीओपी औरैया को दूध प्रसंस्करण और शुद्ध देसी घी से पहचानता है। पशुपालन, दूध संग्रह और घी व्यापार ग्रामीण घरों को जिलों और राज्यों के बड़े बाजारों से जोड़ते हैं।

शिल्प बाजार

औरैया लकड़ी फर्नीचर कार्य

जिला अर्थव्यवस्था पेज औरैया शहर में बड़े पैमाने पर लकड़ी फर्नीचर कार्य का उल्लेख करता है, जिसे लागत और गुणवत्ता के कारण आसपास के जिलों में पहचान मिली है। यह प्रसिद्ध घी उत्पाद के साथ एक उपयोगी शिल्प अर्थव्यवस्था है।

Badrinath Dham temple in Chamoli, Uttarakhand
ऐतिहासिक कस्बा

फफूंद व्यापार और रेल कस्बा

फफूंद औरैया इतिहास में किले, खजाने और मार्ग बिंदु के रूप में बार बार आता है और आज दिबियापुर का फफूंद रेलवे स्टेशन जिले की प्रमुख रेल पहुंच है। यह केवल परिवहन पड़ाव नहीं, बल्कि व्यापार स्मृति वाला कस्बा भी है।

Valley of Flowers National Park in Chamoli, Uttarakhand
नदी परिदृश्य

औरैया यमुना नदी तट

यमुना औरैया के मंदिरों, व्यापार इतिहास और बसावट पैटर्न को आकार देती है। देवकली, भगवा काली और पुराने नदी मार्ग दिखाते हैं कि जिले को केवल हाइवे जिला नहीं, बल्कि यमुना किनारा परिदृश्य समझना चाहिए।

आम रास्ते से थोड़ा अलग

जो शायद आपसे छूट रहा है।

अच्छे रहस्य थोड़ी खोज माँगते हैं।

कोई स्थानीय खोज साझा करनी है? बेहतर गाइड बनाने में हमारे संपादकों की मदद करें।

छिपी हुई जगह सुझाएँ →
कुछ स्थानीय स्वाद चखें

औरैया का खाना

औरैया में North Indian thali and sweets लोकप्रिय हैं। स्थानीय बाजारों और यात्रा मार्गों पर क्षेत्रीय उत्तर प्रदेश स्वाद के साथ उत्तर भारतीय भोजन मिलता है।

औरैया डेयरी और स्थानीय बाजार

शुद्ध देसी घी

ओडीओपी दूध प्रसंस्करण और शुद्ध देसी घी को औरैया का जिला उत्पाद बताता है। भरोसेमंद स्थानीय विक्रेता से खरीदा जाए तो यह सबसे अर्थपूर्ण खाद्य स्मृति है।

मंदिर और त्योहार घर

त्योहार पूरी कचौड़ी थाली

औरैया संस्कृति सामग्री बताती है कि त्योहारों पर साधारण रोटी की जगह तले हुए भोजन लिए जाते हैं। पूरी, कचौड़ी, सब्जी, पुलाव, पापड़, रायता और खीर त्योहार की थाली बनाते हैं।

औरैया और दिबियापुर बाजार

खुरचन पेड़ा और दूध मिठाई

खुरचन, पेड़ा, गुलाब जामुन, इमरती, मक्खन मलाई और चमचम जैसी दूध मिठाइयां जिले की डेयरी पहचान से मेल खाती हैं और अच्छे बाजार पड़ाव बनती हैं।

औरैया, फफूंद और बिधूना बाजार

समोसा चाट और पान

जिला संस्कृति पेज समोसा, गोलगप्पा, चाट और पान को जिले भर के सामान्य स्वाद बताता है, जो कस्बाई बाजारों में शाम के तुरंत नाश्ते के लिए उपयोगी हैं।

एनएच-19 और औरैया दिबियापुर रोड

सड़क किनारे उत्तर भारतीय थाली

देवकली, ककोर, दिबियापुर, फफूंद और हाइवे मार्ग देखते समय रोटी, चावल, दाल, सब्जी, रायता और पापड़ वाली थाली सबसे सुरक्षित यात्रा भोजन है।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

वन · वर्षा · विराम
THE HINDUSTAN DEKHO CLUB

Find the paths between the postcards.

Open member field notes, quieter detours and thoughtful stories from the green side of India.

0 Club discoveries here Save stories for later Member trip planning
Discover membership
A LITTLE PLANNING GOES A LONG WAY

Before you set off.

अक्टूबर से मार्च घूमने के लिए बेहतर समय है। गर्मियों में दोपहर की यात्रा से बचें।

नवंबर से फरवरी · 18-27 C

सर्दी

देवकली, भगवा काली, बड़ी देवी, गुरैया, दिबियापुर और घी बाजार यात्रा के लिए श्रेष्ठ। एनएच-19 और ग्रामीण सड़कों पर सुबह कोहरा हो सकता है।

अप्रैल से जून · 35-46 C

गर्मी

मानसून से पहले औरैया बहुत गर्म हो सकता है। यमुना किनारे मंदिर सुबह जल्दी देखें और कस्बाई बाजारों में दोपहर की लंबी पैदल सैर से बचें।

जून से सितंबर · 29-34 C

मानसून

अधिकांश वर्षा दक्षिण पश्चिम मानसून महीनों में होती है। यमुना और सेंगर क्षेत्र नम हो जाते हैं और भारी वर्षा में नदी किनारे मंदिरों तक सावधानी से पहुंचना चाहिए।

सड़क मार्ग

एनएच-19 और क्षेत्रीय सड़क जुड़ाव

    रेल मार्ग

    फफूंद दिबियापुर रेलवे स्टेशन

      हवाई मार्ग

      कानपुर और लखनऊ हवाई अड्डा विकल्प

        स्थानीय आवागमन

        देवकली, ककोर, दिबियापुर, फफूंद और ग्रामीण मंदिर