हनुमंत धाम
शाहजहांपुर का आधिकारिक प्रमुख आकर्षण और शहर का खास धार्मिक स्थल, जो बड़े हनुमान विग्रह और नदी किनारे वातावरण के लिए जाना जाता है।
हनुमानमंदिरशहरहनुमंत धाम, बिस्मिल स्मारक, अशफाक उल्ला खान स्मृति, तिलहर सूफी विरासत, सरोद घराना और जरदोजी शिल्प वाला स्वतंत्रता आंदोलन और रोहिलखंड जिला।
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शाहजहांपुर की स्थापना 1647 में दिलेर खान और बहादुर खान ने की, जब शाहजहां ने गांव और किला बनाने की अनुमति दी। जिला 1813 में स्थापित हुआ। 1857 और काकोरी आंदोलन में अहमदुल्लाह शाह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और प्रेम कृष्ण खन्ना के माध्यम से इसका बड़ा योगदान रहा। जिला सरोद के शाहजहांपुर घराने और जरी-जरदोजी शिल्प के लिए भी जाना जाता है।
शाहजहां द्वारा गांव और किला बनाने की अनुमति मिलने के बाद दिलेर खान और बहादुर खान ने शाहजहांपुर की स्थापना की।
1813 में ब्रिटिश सरकार ने इस जिले की स्थापना की और इससे पहले यह बरेली जिले का हिस्सा था।
अहमदुल्लाह शाह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और प्रेम कृष्ण खन्ना शाहजहांपुर को 1857 और काकोरी आंदोलन से गहराई से जोड़ते हैं।
शाहजहांपुर की संस्कृति में सरोद का शाहजहांपुर घराना और हजारों कारीगरों वाला ओडीओपी जरी-जरदोजी शिल्प शामिल है।
शाहजहांपुर का आधिकारिक प्रमुख आकर्षण और शहर का खास धार्मिक स्थल, जो बड़े हनुमान विग्रह और नदी किनारे वातावरण के लिए जाना जाता है।
हनुमानमंदिरशहरआधिकारिक स्थल सूची में शामिल बाबा विश्वनाथ या काशी विश्वनाथ मंदिर, शाहजहांपुर शहर का प्रमुख शिव पूजा स्थल है।
शिवमंदिरआस्थादेवी काली को समर्पित आधिकारिक सूचीबद्ध मंदिर, जो नवरात्रि, स्थानीय आस्था और शहर मंदिर सर्किट के लिए महत्वपूर्ण है।
कालीमंदिरनवरात्रिजिले की स्वतंत्रता आंदोलन पहचान से जुड़ा आधिकारिक सूचीबद्ध स्मारक द्वार, जिसे बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान मार्ग के साथ दिखाना चाहिए।
स्मारकस्वतंत्रताद्वारशाहजहांपुर में जन्मे क्रांतिकारी कवि राम प्रसाद बिस्मिल का स्मारक, जो काकोरी आंदोलन के केंद्रीय व्यक्तित्व थे।
बिस्मिलकाकोरीस्वतंत्रताआधिकारिक इतिहास शहीद अशफाक उल्ला खान की मजार को शाहजहांपुर शहर से जुड़े दो प्रमुख शहीद स्थलों में गिनता है।
अशफाककाकोरीमजार1857 के महान स्वतंत्रता सेनानी मौलवी अहमदुल्लाह शाह की मजार, जिनका संघर्ष फैजाबाद से शाहजहांपुर और पुवायां तक जुड़ा।
1857अहमदुल्लाह शाहमजारशहीद मार्ग पर स्थित पुराना आर्य समाज भवन, जहां आधिकारिक इतिहास के अनुसार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राम प्रसाद बिस्मिल रहे थे।
आर्य समाजबिस्मिलस्वतंत्रतातिलहर स्थित हजरत मौलाना लियाकत हुसैन फाजिल तिलहरी की आधिकारिक सूचीबद्ध सूफी विरासत, जो जिले के पुराने धार्मिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण है।
तिलहरसूफीदरगाहसांस्कृतिक विरासत पेज शाहजहांपुर घराना और इनायत अली, मुराद अली खान तथा अमजद अली खान से जुड़ी सरोद परंपरा का उल्लेख करता है।
सरोदघरानासंगीतशाहजहांपुर का ओडीओपी सूचीबद्ध शिल्प, जिसमें हजारों कारीगर ड्रेस मटेरियल, साड़ी, पर्स, बैग, जूते, चप्पल और गाउन पर कढ़ाई करते हैं।
जरीजरदोजीओडीओपीशाहजहांपुर शहर नदी परिदृश्य में बसा है, जहां गर्रा और खन्नौत स्थानीय भूगोल, पुलों, घाटों और नदी किनारे दृश्यों को आकार देते हैं।
गर्राखन्नौतनदीआधिकारिक पहुंच पेज शाहजहांपुर स्टेशन और रोज़ा जंक्शन को सूचीबद्ध करता है। यह यात्री आगमन, पुराने शहर पहुंच और दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग संदर्भ के लिए महत्वपूर्ण है।
रेलवेरोज़ापहुंचगर्रा नदी के पास स्थित आध्यात्मिक और शैक्षिक परिसर, जो स्वामी शुकदेवानंद परंपरा से जुड़ा है और शिक्षा, आश्रम तथा शहर विरासत कवरेज के लिए उपयोगी है।
आश्रमशिक्षागर्राकोई स्थानीय खोज साझा करनी है? बेहतर गाइड बनाने में हमारे संपादकों की मदद करें।
छिपी हुई जगह सुझाएँ →शाहजहांपुर के भोजन में पुराने शहर की कचौरी-जलेबी, चाट, कबाब, बिरयानी, गन्ने का गुड़, सर्दियों की रेवड़ी-गजक और तिलहर बाजार स्नैक्स शामिल करें।
शहर के बाजारों, मंदिर मार्गों और स्मारक मार्गों के आसपास नाश्ता और शाम का स्नैक ट्रेल।
शाहजहांपुर पुराने शहर, रेलवे यात्रियों और बाजार सैर के लिए उपयोगी शाम का भोजन अनुभव।
कृषि क्षेत्र का भोजन, जिसमें ग्रामीण और कस्बाई बाजारों से गुड़, रेवड़ी, गजक और सर्दियों की मिठाइयां शामिल हैं।
तिलहर पुराने कस्बे और सूफी मार्ग के आसपास चाय, नमकीन, मिठाई और स्थानीय स्नैक्स।
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अक्टूबर से मार्च हनुमंत धाम, बिस्मिल स्मारक, तिलहर, पुराने शहर के मार्ग, जरदोजी बाजार और नदी दृश्यों के लिए अच्छा समय है। गर्मियों में दोपहर की पैदल सैर से बचें।
गर्मी तेज रहती है। हनुमंत धाम, स्मारक, तिलहर और शिल्प बाजार दोपहर से हटकर देखें।
बारिश और उमस के महीने। नदी दृश्य अच्छे होते हैं, लेकिन यातायात और निचले रास्तों के लिए अतिरिक्त समय रखें।
शहर सैर, स्वतंत्रता स्मारक, मंदिर, तिलहर मार्ग और जरदोजी खरीदारी के लिए सबसे आरामदायक मौसम।
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शाहजहांपुर और रोज़ा जंक्शन
एनएच 24 और जिला मार्ग