Into the green
Take the scenic route · उत्तर प्रदेश

सम्भल

प्राचीन सम्भल और चंदौसी-बहजोई-गुन्नौर जिला, जहां कल्कि विष्णु मंदिर, केला देवी, मनोकामना, शाही जामा मस्जिद और हॉर्न-बोन शिल्प प्रमुख हैं।

Forest calmSlow trailsEarthy light
THE MOODMoss, monsoon & forest light
घूमने का सही समयमौसम की जानकारी जल्द आएगी
इतना समय रखेंथोड़ी खोजबीन
स्थानीय खोजें14 जगहें · 0 छिपी खोजें

Know something this guide is missing?Share a hidden place, correction, accessibility detail or seasonal change with our editorial team.

Sign in to suggest
इस जगह को करीब से जानें

सम्भल: प्राचीन नगर, मुगल स्मृति और नया जिला

सम्भल का आधिकारिक इतिहास पंचाल और अशोक परंपरा से लेकर लोदी और मुगल शासन तक जाता है। सितंबर 2011 में जिले की घोषणा हुई, पहले नाम भीम नगर रखा गया और जुलाई 2012 में सम्भल नाम कर दिया गया। बहजोई प्रशासनिक मुख्यालय है और सम्भल, चंदौसी तथा गुन्नौर प्रमुख तहसील क्षेत्र हैं।

प्राचीन

पंचाल और अशोक परंपरा

आधिकारिक इतिहास सम्भल को प्राचीन जड़ों वाला क्षेत्र बताता है, जो पंचाल शासकों और बाद में अशोक साम्राज्य से जुड़ा रहा।

लोदी-मुगल

राजधानी स्मृति और मुगल नगर

सम्भल लोदी और मुगल काल में विकसित हुआ। जिला इतिहास सिकंदर लोदी, बाबर, हुमायूं और अकबर से संबंध बताता है, और अकबर काल में इसके उत्कर्ष का उल्लेख करता है।

2011-2012

नई जिला पहचान

सितंबर 2011 में भीम नगर नाम से जिले की घोषणा हुई और जुलाई 2012 में नाम सम्भल किया गया। बहजोई प्रशासनिक मुख्यालय बना।

जीवंत संस्कृति

कल्कि आस्था और हॉर्न-बोन शिल्प

आज सम्भल कल्कि विष्णु आस्था, मंदिर सर्किट, मुगल स्मारक, चंदौसी व्यापार मार्ग और सराय तरीन हॉर्न-बोन शिल्प को साथ लेकर चलता है।

थोड़ा रास्ता बदलने की गुंजाइश रखें

वे जगहें जो याद रहेंगी।

Maa Kela Devi Mandir in Sambhal, Uttar Pradesh
मंदिर

मां केला देवी मंदिर

भंगा क्षेत्र का आधिकारिक सम्भल पर्यटन स्थल, नवरात्रि में महत्वपूर्ण और मंदिर परिसर के पवित्र बरगद के लिए जाना जाता है।

मंदिरकेला देवीनवरात्रि
मंदिर

मनोकामना मंदिर

मनोकामना मंदिर मार्ग का लोकप्रिय मंदिर, जहां बाबा राम मणि की समाधि, तालाब और हनुमान, राम-सीता तथा देवी के छोटे मंदिर हैं।

मंदिरबाबा राम मणितालाब
मंदिर

श्री कल्कि विष्णु मंदिर

कल्कि अवतार आस्था से जुड़ा प्राचीन विष्णु मंदिर, सम्भल पुराने शहर की प्रमुख धार्मिक पहचान में शामिल।

कल्किविष्णुमंदिर
विरासत मस्जिद

शाही जामा मस्जिद सम्भल

मुगल कालीन ऐतिहासिक मस्जिद और पुराने सम्भल का महत्वपूर्ण स्मारक, जिसे वास्तुकला और आस्था विरासत के रूप में शामिल किया गया है।

मस्जिदमुगलविरासत
घंटा घर

घंटा घर सम्भल

आधिकारिक स्थल पेज में वर्णित पुराना घंटा घर, सम्भल पुराने शहर की पहचान और फोटोग्राफी के लिए उपयोगी।

घंटा घरपुराना शहरवास्तुकला
ऐतिहासिक कब्र

तोता मैना की कब्र

आधिकारिक स्थल पेज में शामिल रहस्यमय कब्र, जो स्थानीय कथा और पुराने सम्भल की कहानी से जुड़ी है।

कब्रकथापुराना शहर
मंदिर

हरि बाबा धाम मंदिर

सम्भल की आधिकारिक फोटो गैलरी में दिखाया गया मंदिर, स्थानीय तीर्थ कवरेज के लिए उपयोगी।

मंदिरस्थानीय तीर्थसम्भल
मंदिर

लक्ष्मी नारायण मंदिर

जिला फोटो गैलरी में दिखाया गया मंदिर, सम्भल कवरेज में एक और स्थानीय आस्था स्थल जोड़ता है।

मंदिरलक्ष्मी नारायणआस्था
मंदिर

साधुमणि मंदिर

सम्भल की आधिकारिक फोटो गैलरी में दिखता स्थानीय मंदिर, प्रमुख स्थलों से आगे पूर्ण मंदिर सर्किट के लिए उपयोगी।

मंदिरस्थानीयसर्किट
शिल्प क्लस्टर

सराय तरीन हॉर्न-बोन शिल्प क्लस्टर

सम्भल का ओडीओपी उत्पाद हॉर्न-बोन हस्तशिल्प है। सराय तरीन आभूषण, सजावट, फ्रेम और निर्यात शैली शिल्प वस्तुओं का मुख्य क्षेत्र है।

हॉर्न-बोनओडीओपीशिल्प
रेल बाजार

चंदौसी जंक्शन और बाजार मार्ग

चंदौसी सम्भल जिले का प्रमुख कस्बा है, जहां रेलवे जंक्शन, बाजार और जिला न्यायालय उपस्थिति है। रेल पहुंच और भोजन-खरीदारी मार्ग के लिए उपयोगी।

चंदौसीरेलवेबाजार
जिला केंद्र

बहजोई जिला मुख्यालय

सम्भल जिले का प्रशासनिक मुख्यालय और जिला कार्यालयों, सड़क आवाजाही तथा बहजोई-चंदौसी पहुंच का उपयोगी केंद्र।

बहजोईमुख्यालयजिला
गंगा मार्ग

बबराला और गुन्नौर गंगा मार्ग

गुन्नौर-बबराला क्षेत्र सम्भल जिले को गंगा बेल्ट, ग्रामीण बाजारों, रेलवे हाल्ट और अलीगढ़-मुरादाबाद मार्ग से जोड़ता है।

गुन्नौरबबरालागंगा
रेलवे विरासत

चंदौसी जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

चंदौसी का उत्तर भारत से जुड़ा रेलवे प्रशिक्षण केंद्र, रेलवे विरासत और शिक्षा आधारित जिला कवरेज के लिए उपयोगी।

रेलवेप्रशिक्षणचंदौसी
आम रास्ते से थोड़ा अलग

जो शायद आपसे छूट रहा है।

अच्छे रहस्य थोड़ी खोज माँगते हैं।

कोई स्थानीय खोज साझा करनी है? बेहतर गाइड बनाने में हमारे संपादकों की मदद करें।

छिपी हुई जगह सुझाएँ →
कुछ स्थानीय स्वाद चखें

स्थानीय भोजन

सम्भल की फूड यात्रा पुराने शहर के स्नैक्स, चंदौसी बाजार की मिठाइयों, मौसमी गन्ना उत्पादों, दूध की मिठाइयों, कबाब और मंदिर-बाजार मार्गों के पारिवारिक भोजनालयों के साथ अच्छी बनती है।

चंदौसी बाजार

चंदौसी बाजार मिठाइयां

दूध की मिठाइयां, मौसमी मिठाइयां और बाजार स्नैक्स चंदौसी रेलवे और बाजार मार्गों के उपयोगी फूड हाइलाइट हैं।

पुराने शहर की भोजन गलियां

पुराना सम्भल कबाब और बिरयानी

पुराने शहर की भोजन गलियां मस्जिद, बाजार और मंदिर मार्गों के पास वास्तविक शाम का फूड अनुभव देती हैं।

गुन्नौर, बहजोई और ग्रामीण बाजार

गन्ना गुड़ और रेवड़ी

गन्ना और ग्रामीण व्यापार क्षेत्र गुड़, रेवड़ी और सर्दियों के स्नैक्स को जिला फूड कवरेज के लिए उपयोगी बनाते हैं।

केला देवी, मनोकामना और कल्कि मंदिर मार्ग

मंदिर मार्ग प्रसाद और स्नैक्स

मंदिर मार्गों पर प्रसाद दुकानों, चाय, कचौरी, पकौड़ी और स्थानीय स्नैक्स का व्यावहारिक यात्री सामग्री में महत्व है।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

वन · वर्षा · विराम
THE HINDUSTAN DEKHO CLUB

Find the paths between the postcards.

Open member field notes, quieter detours and thoughtful stories from the green side of India.

0 Club discoveries here Save stories for later Member trip planning
Discover membership
A LITTLE PLANNING GOES A LONG WAY

Before you set off.

अक्टूबर से मार्च सम्भल पुराने शहर, चंदौसी रेलवे और बाजार सैर, केला देवी मंदिर, कल्कि मंदिर और सराय तरीन शिल्प खरीदारी के लिए अच्छा समय है। नवरात्रि और स्थानीय मंदिर मेले महत्वपूर्ण मौसमी अवसर हैं।

मार्च से जून · 32-43 C

गर्मी

दिन बहुत गर्म रहते हैं। कल्कि मंदिर, केला देवी, बाजार और शिल्प यात्रा दोपहर से हटकर करें।

जुलाई से सितंबर · 27-35 C

मानसून

उमस और बारिश रहती है। ग्रामीण रास्तों, बबराला-गुन्नौर क्षेत्र और पुरानी गलियों में अतिरिक्त समय रखें।

अक्टूबर से फरवरी · 14-26 C

सर्दी

पुराने शहर के स्मारक, मंदिर सर्किट, चंदौसी बाजार, सराय तरीन शिल्प और रेल मार्ग यात्रा के लिए सबसे आरामदायक मौसम।

हवाई मार्ग

क्षेत्रीय एयरपोर्ट विकल्प

    रेल मार्ग

    सम्भल, चंदौसी और बबराला रेल पहुंच

      सड़क मार्ग

      बहजोई, चंदौसी, सम्भल और गुन्नौर मार्ग