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Take the scenic route · उत्तर प्रदेश

पीलीभीत

टाइगर रिजर्व, चूका बीच, शारदा नहरों, गौरी शंकर मंदिर, शेर मियां दरगाह, जामा मस्जिद और बांसुरी शिल्प वाला तराई जिला।

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पीलीभीत: तराई वन, बरेली जड़ें और बांसुरी पहचान

पीलीभीत पहले बरेली जिले का हिस्सा था और 1879 में अलग जिला बना। इसका इतिहास पीलीभीत, जहानाबाद, बीसलपुर, पूरनपुर, कलीनगर और अमरिया के प्रशासनिक विकास से जुड़ा है। आज जिला पीलीभीत टाइगर रिजर्व, शारदा सागर, चूका इकोटूरिज्म, पुराने धार्मिक स्थलों और राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध बांसुरी शिल्प के लिए जाना जाता है।

1801-1879

बरेली परगना से अलग जिला

1801 में रोहिलखंड ब्रिटिश शासन को मिलने के बाद पीलीभीत बरेली का परगना था। 1871 में पीलीभीत उपखंड बना और 1879 में अलग जिला बना।

तराई प्रशासन

पूरनपुर, बीसलपुर, कलीनगर और अमरिया

आधिकारिक इतिहास पूरनपुर, बीसलपुर, पीलीभीत-जहानाबाद के प्रशासनिक विकास और 2015 में कलीनगर तथा अमरिया तहसीलों के गठन का उल्लेख करता है।

2014 के बाद

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

पीलीभीत टाइगर रिजर्व तराई आर्क परिदृश्य का हिस्सा है और साल वन, घासभूमि, शारदा सागर, चूका इकोटूरिज्म और बाघ संरक्षण के लिए जाना जाता है।

जीवंत शिल्प

बांसुरी नगरी

ओडीओपी पीलीभीत को देश का बांसुरी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जिला बताता है, जिससे जिले को मजबूत संगीत शिल्प पहचान मिलती है।

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Pilibhit Tiger Reserve in Pilibhit, Uttar Pradesh
टाइगर रिजर्व

पीलीभीत टाइगर रिजर्व

पीलीभीत और शाहजहांपुर वन क्षेत्र में फैला तराई आर्क टाइगर रिजर्व, जो साल वन, ऊंची घासभूमि, दलदली आवास, बाघ, हिरण, सरीसृप और पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।

टाइगर रिजर्ववनवन्यजीव
इकोटूरिज्म

चूका बीच और शारदा सागर

शारदा बांध और नहर के बीच सुंदर इकोटूरिज्म स्थल, जहां हट्स, वन दृश्य और जल परिदृश्य मिलते हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का प्रमुख पर्यटन स्थल।

चूकाशारदा सागरइकोटूरिज्म
सफारी

जंगल सफारी महोफ मुस्तफाबाद चूका मार्ग

निर्धारित वन गेट और चूका सर्किट से गुजरने वाला सफारी मार्ग, जो वन्यजीव फोटोग्राफी, टाइगर रिजर्व जानकारी और गाइडेड नेचर यात्रा के लिए उपयोगी है।

सफारीमहोफमुस्तफाबाद
नहर विरासत

बिफरकेशन पॉइंट

1926 का ऐतिहासिक नहर इंजीनियरिंग स्थल, जहां हेड रेगुलेटर से हरदोई ब्रांच, खीरी ब्रांच और शारदा सी फीडर चैनल निकलते हैं।

नहरशारदाइंजीनियरिंग
नहर स्थल

साइफन नहर पॉइंट

शारदा सागर के पास दो नहरों की प्रणाली, जहां एक नहर दूसरी के नीचे बहती है। टाइगर रिजर्व सर्किट में वास्तविक इंजीनियरिंग और दृश्य स्थल।

नहरसाइफनदृश्य
आर्द्रभूमि

झंड ताल और बारहसिंगा ताल

महोफ और बराही रेंज के आसपास आर्द्रभूमि ताल, जो गैंडा परियोजना, बारहसिंगा आवास, दलदली घास और वन्यजीव अवलोकन से जुड़े हैं।

आर्द्रभूमिबारहसिंगामहोफ
वन्यजीव बिंदु

बर्डिंग, ऊदबिलाव, अजगर और मगरमच्छ पॉइंट

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आधिकारिक वन्यजीव बिंदु, जहां मौसम के अनुसार शीतकालीन पक्षी, स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव, अजगर और मगरमच्छ देखे जा सकते हैं।

बर्डिंगऊदबिलावमगरमच्छ
सुंदर वन स्थल

सप्त सरोवर और लाल पुल चूका

चूका क्षेत्र में सप्त सरोवर जलप्रपात स्थल और शारदा नहर पर ब्रिटिशकालीन लाल पुल को कवर करने वाला वन दृश्य मार्ग।

सप्त सरोवरलाल पुलचूका
Gauri Shankar Temple in Pilibhit, Uttar Pradesh
मंदिर

गौरी शंकर मंदिर

देवहा और खकरा नदियों के किनारे खकरा क्षेत्र में स्थित लगभग 250 वर्ष पुराना शिव मंदिर, जो पीलीभीत के आधिकारिक पर्यटन स्थल में शामिल है।

शिवमंदिरदेवहा
मंदिर

ओराझार मंदिर कलीनगर

कलीनगर तहसील के ओधाझार गांव का मंदिर, जिसे पीलीभीत जिले के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध किया गया है।

मंदिरकलीनगरधार्मिक
प्राचीन टीला

राजा वेणु का टीला शाहगढ़

पूरनपुर तहसील में शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के पास प्राचीन टीला, जिसे स्थानीय परंपरा में राजा वेणु और पुराने बसाव से जोड़ा जाता है।

टीलापूरनपुरइतिहास
गुरुद्वारा

छठवीं पातशाही गुरुद्वारा पकड़िया

पकड़िया मोहल्ले में लगभग 400 वर्ष पुराना गुरुद्वारा, जिसे स्थानीय परंपरा में गुरु गोबिंद सिंह जी के पीलीभीत प्रवास से जोड़ा जाता है।

गुरुद्वारागुरु गोबिंद सिंहपकड़िया
Dargah Hazrat Shah Mohammad Sher Mian in Pilibhit, Uttar Pradesh
दरगाह

दरगाह हजरत शाह मोहम्मद शेर मियां

पीलीभीत शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित महत्वपूर्ण दरगाह, जो आधिकारिक सूची में शामिल और आस्था यात्रा तथा स्थानीय सूफी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।

दरगाहसूफीपीलीभीत
विरासत मस्जिद

जामा मस्जिद पीलीभीत

पीलीभीत की मुगलकालीन शैली की मस्जिद, जिसे आधिकारिक रूप से दिल्ली जामा मस्जिद से प्रेरित बताया गया है और पुराने शहर की विरासत के लिए महत्वपूर्ण है।

मस्जिदमुगलपुराना शहर
शिल्प क्लस्टर

पीलीभीत बांसुरी शिल्प क्लस्टर

पीलीभीत का ओडीओपी उत्पाद। जिला स्थानीय बांस और कारीगर कौशल से बनने वाली बांसुरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है।

बांसुरीफ्लूटओडीओपी
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कुछ स्थानीय स्वाद चखें

स्थानीय भोजन

पीलीभीत के भोजन में तराई चावल, गन्ने का गुड़, वन गेट स्नैक्स, कचौरी-जलेबी, नदी और नहर क्षेत्र की मौसमी मछली, स्थानीय मिठाइयां और पूरनपुर, कलीनगर तथा चूका के यात्रा भोजन शामिल करें।

पूरनपुर, कलीनगर और नदी-नहर गांव

तराई चावल और मछली भोजन

चावल और मौसमी मछली पीलीभीत की नदी, नहर और वन किनारे की भोजन संस्कृति को दर्शाते हैं।

पीलीभीत, बीसलपुर और ग्रामीण बाजार

गन्ना गुड़ और स्थानीय मिठाइयां

गन्ना क्षेत्र के स्वाद, जिनमें गुड़, रेवड़ी, सर्दियों की मिठाइयां और बाजार स्नैक्स शामिल हैं।

चूका, महोफ, मुस्तफाबाद और पूरनपुर मार्ग

वन गेट चाय, पकौड़ी और कचौरी

टाइगर रिजर्व गेट, बस स्टैंड और छोटे बाजारों के आसपास मिलने वाला सरल यात्रा भोजन।

पुराना शहर, जामा मस्जिद और बाजार गलियां

पीलीभीत पुराना शहर चाट और जलेबी

पुराने पीलीभीत यात्रियों के लिए चाट, जलेबी, समोसा और मिठाइयों वाला शाम का स्नैक ट्रेल।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

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Before you set off.

नवंबर से मार्च पीलीभीत टाइगर रिजर्व, चूका बीच, बर्डिंग, मंदिरों और बाजारों के लिए अच्छा समय है। चूका के लिए अक्टूबर-अप्रैल अच्छा रहता है; गर्मियों में सफारी सुबह करें और मानसून में वन प्रवेश सीमित रहता है।

मार्च से जून · 32-43 C

गर्मी

गरम और उमस भरी तराई गर्मी। वन्यजीव यात्रा सुबह या शाम करें और पानी व वन अनुमति जरूर जांचें।

जुलाई से सितंबर · 27-35 C

मानसून

भारी बारिश, कीचड़ भरे वन मार्ग और ऊंचे जलस्तर। मानसून में टाइगर रिजर्व पर्यटन आमतौर पर सीमित या बंद रहता है।

अक्टूबर से फरवरी · 12-26 C

सर्दी

चूका बीच, बर्डिंग, टाइगर रिजर्व, मंदिर, गुड़ बाजार और पुराने शहर की सैर के लिए सबसे अच्छा मौसम।

हवाई मार्ग

लखनऊ और बरेली एयरपोर्ट विकल्प

    रेल मार्ग

    बरेली और पीलीभीत जंक्शन के जरिए

      सड़क मार्ग

      बरेली की नियमित बसें और लंबे सीधे मार्ग