Into the green
Take the scenic route · उत्तर प्रदेश

झाँसी

बुंदेलखंड का प्रवेशद्वार, रानी लक्ष्मीबाई की किला नगरी, झीलें, संग्रहालय और बुंदेली संस्कृति

Forest calmSlow trailsEarthy light
THE MOODMoss, monsoon & forest light
घूमने का सही समयमौसम की जानकारी जल्द आएगी
इतना समय रखेंथोड़ी खोजबीन
स्थानीय खोजें18 जगहें · 0 छिपी खोजें

Know something this guide is missing?Share a hidden place, correction, accessibility detail or seasonal change with our editorial team.

Sign in to suggest
इस जगह को करीब से जानें

झाँसी - बुंदेला किला नगरी, मराठा शासन और 1857 का साहस

झाँसी पहूज और बेतवा नदियों के बीच स्थित है और रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, स्वाभिमान और बलिदान के लिए पूरे भारत में जानी जाती है। झाँसी किला, रानी महल, मंदिर, छतरियाँ, झीलें, बाग और लोक परंपराएँ यहाँ की बुंदेला, मराठा, मुगल और ब्रिटिश कालीन परतें दिखाती हैं।

प्राचीन और मध्यकाल

चेदि, जाजहोती और बुंदेलखंड की जड़ें

झाँसी का संबंध चेदि राष्ट्र, जेजाक भुक्ति, जाजहोती और बुंदेलखंड जैसे पुराने क्षेत्रों से रहा। बाद में यह चंदेल और बुंदेला प्रभाव का मजबूत क्षेत्र बना।

1613 ईस्वी

वीर सिंह देव और झाँसी किला

ओरछा के राजा वीर सिंह देव ने झाँसी को फिर महत्व दिया और 1613 में झाँसी किले का निर्माण कराया, जो आज भी शहर की मुख्य पहचान है।

मराठा काल

पेशवा शासन और नेवलकर प्रशासन

महाराजा छत्रसाल और पेशवा बाजीराव के बाद झाँसी मराठा प्रभाव में आई। रघुनाथ राव नेवलकर ने महालक्ष्मी मंदिर, रघुनाथ मंदिर और रानी महल बनवाए।

1857-1858

रानी लक्ष्मीबाई और स्वतंत्रता संघर्ष

राजा गंगाधर राव से विवाह के बाद मणिकर्णिका लक्ष्मीबाई बनीं। उन्होंने 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध नेतृत्व किया और 1858 में बलिदान दिया।

थोड़ा रास्ता बदलने की गुंजाइश रखें

वे जगहें जो याद रहेंगी।

Jhansi Fort in Jhansi, Uttar Pradesh
ऐतिहासिक किला

झाँसी किला

राजा वीर सिंह देव द्वारा निर्मित झाँसी का मुख्य किला, जो 1857 के प्रतिरोध का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

किलारानी लक्ष्मीबाई1857
ऐतिहासिक महल

रानी महल

रानी लक्ष्मीबाई और नेवलकर काल से जुड़ा महल, जो पुराने शहर में राजपरिवार के जीवन को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

रानी महललक्ष्मीबाईमहल
संग्रहालय

राजकीय संग्रहालय झाँसी

शहर के बीच स्थित राजकीय संग्रहालय, जहाँ बुंदेलखंड इतिहास, कला और 1857 काल से जुड़ी सामग्री मिलती है।

संग्रहालयबुंदेलखंड1857
खेल संग्रहालय

मेजर ध्यानचंद संग्रहालय

सिविल लाइंस के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में स्थित मेजर ध्यानचंद को समर्पित भारत और एशिया का पहला हॉकी संग्रहालय।

हॉकीध्यानचंदसंग्रहालय
मंदिर

महालक्ष्मी मंदिर और लक्ष्मी ताल

लक्ष्मी ताल के पास स्थित ऐतिहासिक मंदिर, जो झाँसी राजपरिवार और रानी लक्ष्मीबाई की स्मृतियों से जुड़ा है।

महालक्ष्मीलक्ष्मी तालराज विरासत
छत्री स्मारक

राजा गंगाधर राव छत्री

महालक्ष्मी मंदिर के पास रानी लक्ष्मीबाई के पति राजा गंगाधर राव की स्मृति में बनी सुंदर छत्री।

छत्रीगंगाधर रावस्मारक
Samthar Fort in Jhansi, Uttar Pradesh
ऐतिहासिक किला

समथर किला

झाँसी से लगभग 60 किमी उत्तर स्थित पूर्व रियासत का किला, जो बुंदेलखंड क्षेत्रीय इतिहास और स्थापत्य के लिए जाना जाता है।

समथरकिलारियासत
किला और झील

बरुआसागर किला परिसर

ओरछा के राजाओं के विश्राम स्थल के रूप में बना सुंदर किला और झील क्षेत्र, जहाँ विरासत और जल दृश्य दोनों मिलते हैं।

बरुआसागरकिलाझील
Garhmau Lake in Jhansi, Uttar Pradesh
झील

गढ़मऊ झील

झाँसी शहर के पास स्थित प्राकृतिक झील, जो शांत दृश्यों, फोटोग्राफी और विरासत यात्रा के बीच विश्राम के लिए उपयुक्त है।

झीलप्रकृतिफोटोग्राफी
बांध

पारीछा बांध

झाँसी से लगभग 25 किमी दूर पारीछा कस्बे के पास बेतवा नदी पर बना बांध, जो जलाशय दृश्यों और शांत सैर के लिए जाना जाता है।

बेतवाबांधजलाशय
Sukma Dukma Dam in Jhansi, Uttar Pradesh
प्राकृतिक बांध

सुकमा दुकमा बांध

झाँसी से लगभग 40 किमी दूर सुंदर बांध, जो ग्रामीण दृश्यों और छोटी ड्राइव के लिए लोकप्रिय है।

बांधप्राकृतिकड्राइव
Narayan Bagh in Jhansi, Uttar Pradesh
बाग

नारायण बाग

नारायण बाग क्षेत्र का सरकारी उद्यान, जहाँ विभिन्न पौधे, फूल और पारिवारिक सैर का हरा वातावरण मिलता है।

बागफूलपरिवार
Atal Ekta Park in Jhansi, Uttar Pradesh
पार्क

अटल एकता पार्क

सिविल लाइंस का पार्क, जिसमें भव्य पुस्तकालय और सुंदर हरित परिसर है, शाम की सैर के लिए अच्छा स्थल।

पार्कपुस्तकालयसिविल लाइंस
Jarai Ka Math in Jhansi, Uttar Pradesh
प्राचीन मंदिर

जराई का मठ

झाँसी से लगभग 18 किमी दूर खजुराहो मार्ग पर स्थित पुराना मंदिर, जो बुंदेलखंड मंदिर स्थापत्य से जुड़ा है।

जराई का मठमंदिरखजुराहो मार्ग
Karguvanji Jain Temple in Jhansi, Uttar Pradesh
जैन मंदिर

करगुवांजी जैन मंदिर

झाँसी शहर के पास स्थित लगभग 700 वर्ष पुराना जैन मंदिर, जो जैन तीर्थ और पुरानी शहरी धार्मिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण है।

जैन700 वर्षतीर्थ
चर्च

सेंट जूड्स चर्च

सिविल लाइंस का प्रसिद्ध कैथोलिक चर्च और आधुनिक शहर का महत्वपूर्ण आस्था स्थल।

चर्चसिविल लाइंसआस्था
स्मारक

ढिकोली सती स्तंभ स्मारक

ढिकोली गाँव के पास 56 सती स्तंभों का दुर्लभ समूह, जिसे जिला विशिष्ट स्मारक स्थल के रूप में सूचीबद्ध करता है।

सती स्तंभढिकोलीस्मारक
मंदिर

केदारेश्वर मंदिर मऊरानीपुर

झाँसी शहर से लगभग 67 किमी दूर मऊरानीपुर के पास स्थित मंदिर, जो विस्तृत जिला धार्मिक मार्ग का हिस्सा है।

केदारेश्वरमऊरानीपुरमंदिर
आम रास्ते से थोड़ा अलग

जो शायद आपसे छूट रहा है।

अच्छे रहस्य थोड़ी खोज माँगते हैं।

कोई स्थानीय खोज साझा करनी है? बेहतर गाइड बनाने में हमारे संपादकों की मदद करें।

छिपी हुई जगह सुझाएँ →
कुछ स्थानीय स्वाद चखें

झाँसी का भोजन

झाँसी का स्वाद बुंदेली घरेलू भोजन और शहर के नाश्तों से बनता है: दाल-चोखा के साथ बाटी, कचौड़ी-सब्जी, पोहा-जलेबी, इमरती, पेड़ा, मौसमी अचार और सदर बाजार, सीपरी बाजार तथा पुराने शहर की सरल थालियाँ।

सदर बाजार और स्थानीय थाली भोजनालय

बुंदेली बाटी दाल चोखा

बाटी, दाल, धुएँदार चोखा और अचार वाला भरपूर बुंदेली भोजन।

सीपरी बाजार और पुराने शहर की गलियां

कचौड़ी सब्जी और जलेबी

किला, संग्रहालय या मंदिर यात्रा से पहले बाजारों में मिलने वाली लोकप्रिय सुबह की थाली।

सदर बाजार मिठाई दुकानें

इमरती और पेड़ा

दूध की मिठाइयाँ और रसीली इमरती यात्रियों के लिए लोकप्रिय बुंदेली स्वाद हैं।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

वन · वर्षा · विराम
THE HINDUSTAN DEKHO CLUB

Find the paths between the postcards.

Open member field notes, quieter detours and thoughtful stories from the green side of India.

0 Club discoveries here Save stories for later Member trip planning
Discover membership
A LITTLE PLANNING GOES A LONG WAY

Before you set off.

अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है। मई और जून में दोपहर की लंबी पैदल यात्रा से बचें क्योंकि बुंदेलखंड की गर्मी बहुत तेज रहती है।

अप्रैल - जून · 36°C-45°C

गर्मी

बुंदेलखंड की बहुत तेज गर्मी। किला और खुले स्थल सुबह जल्दी ही देखें।

जुलाई - सितंबर · 29°C-35°C

मानसून

बारिश राहत देती है और झीलें सुंदर दिखती हैं, लेकिन उमस भरी दोपहर थकाने वाली रहती है।

नवंबर - फरवरी · 20°C-27°C

सर्दी

झाँसी किला, रानी महल, संग्रहालय, बरुआसागर और झीलों के लिए सबसे अच्छा समय।

रेल मार्ग

वीजीएलबी स्टेशन

  • वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन VGLB — दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर झाँसी का मुख्य स्टेशन, जहाँ कई प्रमुख ट्रेनें मिलती हैं।
  • शहर पहुंच — झाँसी किला, रानी महल, राजकीय संग्रहालय और सिविल लाइंस होटलों के लिए उपयोगी।

हवाई मार्ग

नजदीकी हवाई अड्डा

  • ग्वालियर हवाई अड्डा — झाँसी से लगभग 100 किमी दूर और सबसे व्यावहारिक नजदीकी हवाई अड्डा।
  • दिल्ली संपर्क — अंतरराष्ट्रीय यात्री दिल्ली से जुड़कर रेल या सड़क से आगे आ सकते हैं।

सड़क मार्ग

एनएच 27 और बसें

  • राष्ट्रीय राजमार्ग 27 — झाँसी एनएच 27 पर स्थित है, जहाँ से ग्वालियर, आगरा और बुंदेलखंड कस्बों तक सड़क संपर्क है।
  • बस और टैक्सी — समथर, बरुआसागर, पारीछा और शहर भ्रमण के लिए राज्य बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।