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चन्दौली

राजदरी-देवदरी जलप्रपात, चंद्रप्रभा वन, बाबा कीनाराम, मुगलसराय रेल केंद्र, जरी शिल्प और चावल वाला काशी क्षेत्र का जिला

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काशी महाजनपद, बलुआ, बाबा कीनाराम और आधुनिक चन्दौली

चन्दौली 1997 में वाराणसी जिले से अलग होकर बना और पुराने काशी सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ा है। जिला इतिहास में प्राचीन ईंटों के टीले, गंगा तट का बलुआ जहां पश्चिम वाहिनी मेला होता है, बाबा कीनाराम की जन्मस्थली रामगढ़ और चौदहवीं-पंद्रहवीं सदी की किला परंपरा से जुड़ा हेटमपुर किला उल्लेखित हैं। जिला मुगलसराय या पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल जंक्शन और चंद्रप्रभा वन-जलप्रपात क्षेत्र के लिए भी जाना जाता है।

प्राचीन

काशी महाजनपद और गंगा तटीय टीले

वर्तमान चन्दौली क्षेत्र प्राचीन काशी क्षेत्र से जुड़ा था। जिला इतिहास ईंटों से भरे टीले, पुराने ताल-कुंड, गंगा तट का बलुआ और व्यापक वाराणसी परिदृश्य से जुड़ी पवित्र नदी परंपराओं का उल्लेख करता है।

14वीं-15वीं सदी

हेटमपुर किला और क्षेत्रीय शासन

हेटमपुर किला बड़े क्षेत्र में फैला पुराना किला स्थल बताया गया है, जिसे परंपरा टोडर मल खत्री और बाद में हेटम खान से जोड़ती है। इसके खंडहर कोट इसे महत्वपूर्ण स्थानीय विरासत स्थल बनाते हैं।

1997

वाराणसी से जिला निर्माण

चन्दौली 1997 में वाराणसी जिले से अलग जिला बना। इसकी आधुनिक पहचान काशी क्षेत्रीय विरासत, मुगलसराय की रेल लॉजिस्टिक्स, कृषि और चंद्रप्रभा वन-जलप्रपात क्षेत्र को साथ जोड़ती है।

वर्तमान

जलप्रपात, चावल और जरी शिल्प

आज चन्दौली राजदरी-देवदरी जलप्रपात, चंद्रप्रभा अभयारण्य, लतीफ शाह बांध, बाबा कीनाराम रामगढ़, काला चावल और आदमचीनी चावल प्रचार तथा वाराणसी इकाइयों को सेवा देने वाले जरी-जरदोजी कारीगर क्लस्टरों के लिए जाना जाता है।

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वे जगहें जो याद रहेंगी।

जलप्रपात

राजदरी जलप्रपात

चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र का प्रमुख जलप्रपात। यह जिले के सबसे प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थलों में है और मानसून के बाद लोकप्रिय रहता है।

जलप्रपातचंद्रप्रभाप्रकृति
जलप्रपात

देवदरी जलप्रपात

चंद्रप्रभा अभयारण्य में राजदरी के साथ स्थित जलप्रपात। वन, चट्टानें और मौसमी जलधारा इसे प्रकृति पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं।

जलप्रपातवनदेवदरी
वन अभयारण्य

चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य

वाराणसी से लगभग 70 किमी दूर वन अभयारण्य, जो राजदरी-देवदरी जलप्रपात, झीलों, बांधों और विंध्य किनारे के पिकनिक मार्गों के लिए जाना जाता है।

वन्यजीववनचंद्रप्रभा
Latif Shah Dam in Chandauli, Uttar Pradesh
ऐतिहासिक बांध

लतीफ शाह बांध

भारत के पुराने बांधों में से एक, 1921 में पूर्ण, चकिया के पास कर्मनाशा नदी पर बना। यह प्रमुख पिकनिक और जल परिदृश्य स्थल है।

बांधकर्मनाशाचकिया
Latif Shah Tomb in Chandauli, Uttar Pradesh
सूफी दरगाह

लतीफ शाह मजार

बांध क्षेत्र के पास सूफी संत हजरत लतीफ शाह की मजार। यह चकिया मार्ग को साझा आस्था और स्थानीय तीर्थ मूल्य देती है।

दरगाहलतीफ शाहचकिया
आध्यात्मिक जन्मस्थली

बाबा कीनाराम पवित्र स्थल, रामगढ़

रामगढ़ गांव बाबा कीनाराम की जन्मस्थली के रूप में दर्ज है, जो मानव सेवा और वैष्णव, शिव तथा शक्ति भक्ति परंपराओं से जुड़े पूज्य अघोर संत माने जाते हैं।

बाबा कीनारामरामगढ़आध्यात्मिक
गंगा तीर्थ

बलुआ पश्चिम वाहिनी गंगा मेला

सकलडीहा से लगभग 21 किमी दक्षिण गंगा तट का स्थल, जहां नदी पूर्व से पश्चिम बहती है और माघ में पश्चिम वाहिनी मेला लगता है।

गंगाबलुआमेला
किला अवशेष

हेटमपुर किला अवशेष

जिला मुख्यालय से लगभग 22 किमी उत्तर-पूर्व स्थित खंडहर किला, जहां भुलैनी, भितरी, बिचली, उत्तराई और दक्षिणी जैसे पुराने कोट अवशेष फैले हैं।

किलाहेटमपुरअवशेष
स्वतंत्रता स्मारक

धानापुर शहीद स्मारक

धानापुर शहीद स्मारक को जिला प्रमुख आकर्षणों में बताता है। यह चन्दौली को स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण स्मृति बिंदु देता है।

स्वतंत्रताधानापुरस्मारक
मंदिर

चकिया काली मंदिर

जिले के आकर्षणों में सूचीबद्ध चकिया क्षेत्र का महत्वपूर्ण मंदिर, जो राजदरी, देवदरी और लतीफ शाह मार्गों के साथ तीर्थ पड़ाव के रूप में उपयोगी है।

मंदिरचकियाकाली
झील और बांध मार्ग

नौगढ़, मुशाखाड़ और भैसौड़ा बांध-झील क्षेत्र

जिले की स्थान सूची में नौगढ़, मुशाखाड़, भैसौड़ा, चंद्रप्रभा और लतीफ शाह झील-बांध बताए गए हैं, जिससे यह मजबूत जल-प्रकृति मार्ग बनता है।

बांधझीलनौगढ़
रेल विरासत

पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, मुगलसराय

पूर्व मुगलसराय जंक्शन चन्दौली मुख्यालय के पास है और जिला इसे भारत के सबसे बड़े रेलवे यार्ड तथा कई दिशाओं में रेल संपर्क वाला केंद्र बताता है।

रेलमुगलसरायजंक्शन
ओडीओपी शिल्प

गोपालपुर-दुलहीपुर-सतपोखरी जरी क्लस्टर

ओडीओपी जरी-जरदोजी शिल्प क्षेत्र, जहां गोपालपुर, दुलहीपुर, सतपोखरी, सिकंदरपुर और केतसर के कारीगर वाराणसी साड़ी इकाइयों के लिए जॉब वर्क करते हैं।

ओडीओपीजरीशिल्प
आम रास्ते से थोड़ा अलग

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स्थानीय भोजन और उत्पाद

चन्दौली का ओडीओपी जरी-जरदोजी कार्य है, खासकर गोपालपुर, दुलहीपुर, सतपोखरी, सिकंदरपुर और केतसर में, जहां कारीगर वाराणसी इकाइयों के लिए जॉब वर्क करते हैं। जिला चावल-गेहूं खेती, काला चावल प्रचार, आदमचीनी चावल क्षेत्र, वन उत्पाद और पूर्वांचल भोजन मार्गों के लिए भी जाना जाता है।

गोपालपुर, दुलहीपुर, सतपोखरी, सिकंदरपुर, केतसर

जरी-जरदोजी कार्य

चन्दौली का ओडीओपी शिल्प साड़ियों पर जरी-जरदोजी कार्य है, जहां स्थानीय कारीगर वाराणसी इकाइयों के लिए जॉब वर्क करते हैं।

चन्दौली खेती क्षेत्र

काला चावल और आदमचीनी चावल

चन्दौली चावल और गेहूं खेती, काला चावल प्रचार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े आदमचीनी सुगंधित चावल क्षेत्र के लिए जाना जाता है।

चकिया, लतीफ शाह और जलप्रपात मार्ग

चकिया वन मार्ग भोजन

राजदरी, देवदरी और लतीफ शाह मार्गों पर जाने वालों के लिए चाय, पकौड़ा, पूरी-सब्जी, मौसमी नाश्ता और सरल शाकाहारी भोजन उपयोगी हैं।

पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और चन्दौली नगर

पूर्वांचल रेल और बाजार नाश्ता

रेलवे केंद्र और बाजार मार्ग कचौरी, जलेबी, समोसा, लिट्टी शैली नाश्ता, थाली और यात्रा भोजन को आधार देते हैं।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

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संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

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Before you set off.

अक्टूबर से मार्च राजदरी, देवदरी, लतीफ शाह बांध, बाबा कीनाराम रामगढ़, बलुआ गंगा मेला मार्ग, हेटमपुर किला और जरी शिल्प क्लस्टरों के लिए अच्छा समय है। मानसून के बाद जलप्रपात सुंदर रहते हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा जांचना जरूरी है।

अप्रैल से जून · 34-44 C

गर्मी

मैदान और चट्टानी वन किनारे गर्मी तेज रहती है। जलप्रपात, बांध और मंदिर यात्रा सुबह रखें और पानी व छाया का ध्यान रखें।

जुलाई से सितंबर · 27-34 C

मानसून

राजदरी, देवदरी और बांधों के आसपास हरियाली और दृश्य सुंदर रहते हैं, लेकिन सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। जलप्रपात यात्रा से पहले स्थानीय सुरक्षा जांचें।

अक्टूबर से मार्च · 18-29 C

सर्दी

चंद्रप्रभा वन, लतीफ शाह, बाबा कीनाराम रामगढ़, बलुआ गंगा मार्ग और शिल्प-खेती यात्रा के लिए सबसे अच्छा मौसम।

हवाई मार्ग

वाराणसी एयरपोर्ट पहुंच

    रेल मार्ग

    मुख्यालय के पास पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

      सड़क मार्ग

      जीटी रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग और जिला सड़कें