Into the green
Take the scenic route · उत्तर प्रदेश

बिजनौर

विदुर कुटी, कण्व आश्रम स्मृति, दारानगर, नजीबाबाद किला, नजफ-ए-हिंद, गंगा पट्टी, अमानगढ़ और नगीना शिल्प

Forest calmSlow trailsEarthy light
THE MOODMoss, monsoon & forest light
घूमने का सही समयमौसम की जानकारी जल्द आएगी
इतना समय रखेंथोड़ी खोजबीन
स्थानीय खोजें13 जगहें · 0 छिपी खोजें

Know something this guide is missing?Share a hidden place, correction, accessibility detail or seasonal change with our editorial team.

Sign in to suggest
इस जगह को करीब से जानें

विदुर कुटी और भरत परंपरा से नजीबाबाद और वन-नदी पर्यटन तक

बिजनौर में विदुर कुटी, कण्व आश्रम, दारानगर और सीता मंदिर मठ की महाभारत और कालिदास से जुड़ी स्मृति, नजीबाबाद किला, नजफ-ए-हिंद, गंज गंगा मंदिर, मुगल-नवाबी-रोहिला संस्कृति, गन्ना अर्थव्यवस्था, नगीना शिल्प और अमानगढ़-कालागढ़ प्रकृति मार्ग शामिल हैं।

पौराणिक और शास्त्रीय स्मृति

कण्व आश्रम, भरत और विदुर कुटी

आधिकारिक बिजनौर इतिहास क्षेत्र को कण्व आश्रम, राजा दुष्यंत, शकुंतला, भरत, विदुर कुटी और महाभारत परंपरा में भगवान कृष्ण के विदुर आगमन से जोड़ता है।

महाभारत आश्रय

दारानगर और दोनों पक्षों के परिवार

दारानगर को युद्ध काल में कौरव और पांडव दोनों पक्षों की महिलाओं और बच्चों के लिए विदुर द्वारा व्यवस्थित सुरक्षित क्षेत्र के रूप में याद किया जाता है।

मुगल और नवाबी काल

नजीबाबाद और नजीब-उद-दौला

बिजनौर से लगभग 37 किमी दूर नजीबाबाद की स्थापना नवाब नजीब-उद-दौला ने की। इसका किला और पुराना शहर रोहिलखंड विरासत का प्रमुख पड़ाव है।

धार्मिक विविधता

मंदिर, मस्जिद, दरगाह, चर्च और तीर्थ

बिजनौर का आधिकारिक पृष्ठ शहर को हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, जैन और सिख स्थलों वाला तीर्थ केंद्र बताता है, जिसे मुगल, नवाब और ब्रिटिश काल ने आकार दिया।

आधुनिक अर्थव्यवस्था और प्रकृति

गन्ना, नगीना शिल्प और अमानगढ़

आधुनिक बिजनौर गन्ना उत्पादन, कृषि उद्योग, शेरकोट ब्रश व्यापार, नगीना हस्तशिल्प, अमानगढ़ वन क्षेत्र, कालागढ़ बांध और गंगा किनारे सर्दियों के पक्षी दर्शन के लिए जाना जाता है।

थोड़ा रास्ता बदलने की गुंजाइश रखें

वे जगहें जो याद रहेंगी।

Vidur Kuti Temple in Bijnor, Uttar Pradesh
महाभारत विरासत

विदुर कुटी मंदिर

बिजनौर से लगभग 12 किमी दूर विदुर कुटी महात्मा विदुर, भगवान कृष्ण आगमन परंपरा और आश्रम में सुरक्षित विदुर पदचिह्न से जुड़ी है।

विदुर कुटीमहाभारतकृष्ण
पौराणिक विरासत

दारानगर महाभारत स्मृति

दारानगर को युद्ध के समय कौरव और पांडव परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए विदुर द्वारा बनाए गए सुरक्षित क्षेत्र के रूप में याद किया जाता है।

दारानगरविदुरमहाभारत
शास्त्रीय विरासत

कण्व आश्रम और भरत परंपरा क्षेत्र

बिजनौर इतिहास इस क्षेत्र को कण्व ऋषि, दुष्यंत, शकुंतला और भरत से जोड़ता है, इसलिए यह अभिज्ञान शाकुंतलम और भरतवंश स्मृति के लिए महत्वपूर्ण है।

कण्व आश्रमशकुंतलाभरत
गंगा तीर्थ

गंज गंगा मंदिर और आश्रम

गंज बिजनौर से लगभग 12 किमी दूर गंगा किनारे स्थित है और प्राचीन मंदिरों व आश्रमों के लिए जाना जाता है।

गंजगंगाआश्रम
किला और पुराना शहर

नजीबाबाद नजीब-उद-दौला किला

हिमालय का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले नजीबाबाद की स्थापना नवाब नजीब-उद-दौला ने की। यहां का किला बिजनौर जिले का प्रमुख 18वीं सदी विरासत स्थल है।

नजीबाबादनजीब-उद-दौलाकिला
ऐतिहासिक किला

नजीबाबाद सुल्ताना किला स्मृति

जिला पर्यटन पृष्ठ नजीबाबाद सुल्ताना किले को अलग से सूचीबद्ध करता है, जो पुराने किले के परिदृश्य और ईस्ट इंडिया कंपनी संदर्भों से जुड़ा है।

सुल्ताना किलानजीबाबादऐतिहासिक
Dargahe Aaliya Najaf-e-Hind Jogipura in Bijnor, Uttar Pradesh
दरगाह और तीर्थ

दरगाहे आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीपुरा

नजीबाबाद के पास प्रमुख आध्यात्मिक स्थल, जो शाहजहां काल की सैयद अलाउद्दीन बुखारी और सैयद राजू परंपरा से जुड़ा है।

नजफ-ए-हिंदजोगीपुरादरगाह
रामायण मंदिर

सीता मंदिर मठ ननौर

चांदपुर-जलीलपुर रोड पर ननौर गांव के पास सीता मंदिर मठ जिला इतिहास में सूचीबद्ध है और रामायण से जुड़ा मंदिर पड़ाव जोड़ता है।

सीता मंदिरननौररामायण
Indra Park Bijnor in Bijnor, Uttar Pradesh
शहरी पार्क

इंद्रा पार्क बिजनौर

इंद्रा पार्क जिला पर्यटन सूची में शामिल है और बिजनौर शहर के भीतर परिवारिक मनोरंजन व हरित विश्राम स्थल है।

इंद्रा पार्कबिजनौर शहरपरिवार
वन और वन्यजीव

अमानगढ़ वन क्षेत्र

बिजनौर के एडवेंचर पृष्ठ में अमानगढ़ को वन आरक्षित क्षेत्र बताया गया है, जो कॉर्बेट परिदृश्य के पास वन-किनारे प्रकृति यात्रा के लिए उपयोगी है।

अमानगढ़वन क्षेत्रप्रकृति
बांध और प्रकृति

कालागढ़ बांध अफजलगढ़ क्षेत्र

अफजलगढ़ ब्लॉक का कालागढ़ बांध जिला एडवेंचर पृष्ठ में सूचीबद्ध है और बिजनौर को तराई जल और प्रकृति मार्ग देता है।

कालागढ़ बांधअफजलगढ़प्रकृति
शिल्प बाजार

नगीना हस्तशिल्प बाजार

जिला अर्थव्यवस्था पृष्ठ नगीना क्षेत्र को हस्तशिल्प कार्य के लिए प्रसिद्ध बताता है, इसलिए यह शिल्प खरीदारी और कारीगर कवरेज के लिए जरूरी है।

नगीनाहस्तशिल्पशिल्प
स्थानीय उद्योग

शेरकोट ब्रश व्यापार बाजार

जिला अर्थव्यवस्था पृष्ठ शेरकोट को ब्रश व्यापार के लिए प्रसिद्ध बताता है, जिससे बिजनौर की खास लघु उद्योग पहचान दिखती है।

शेरकोटब्रश व्यापारउद्योग
आम रास्ते से थोड़ा अलग

जो शायद आपसे छूट रहा है।

अच्छे रहस्य थोड़ी खोज माँगते हैं।

कोई स्थानीय खोज साझा करनी है? बेहतर गाइड बनाने में हमारे संपादकों की मदद करें।

छिपी हुई जगह सुझाएँ →
कुछ स्थानीय स्वाद चखें

बिजनौर का भोजन और शिल्प बाजार

बिजनौर का भोजन गन्ना, आम, ग्रामीण मंडियों और रोहिलखंडी कस्बाई बाजारों से बनता है। गुड़, रेवड़ी, गजक, लस्सी, कचौड़ी-सब्जी, चाट, सरल तीर्थ भोजन, नजीबाबाद भोजन गलियां, नगीना बाजार नाश्ता और हाईवे ढाबे शामिल करें।

बिजनौर, धामपुर, नगीना, शेरकोट और ग्रामीण बाजार

गुड़, रेवड़ी, गजक और गन्ने का रस

बिजनौर की अर्थव्यवस्था गन्ना आधारित है, इसलिए गुड़, रेवड़ी, गजक, गन्ने का रस और सर्दियों की मिठाइयां जरूरी हैं।

बिजनौर शहर, नजीबाबाद और नगीना सुबह बाजार

कचौड़ी सब्जी और जलेबी

विदुर कुटी, गंज, पुराना शहर, नजीबाबाद किला और नगीना शिल्प बाजार देखने वालों के लिए सुबह का भोजन मार्ग।

नजीबाबाद, बिजनौर शहर और जामा मस्जिद बाजार क्षेत्र

नजीबाबाद और बिजनौर पुराने बाजार भोजन

रोहिलखंडी मिश्रित भोजन संस्कृति में बिरयानी, कबाब, तंदूरी नाश्ता, चाय, मिठाई और बाजार प्लेट के लिए उपयोगी।

शकरपुरी, नजीबाबाद-बिजनौर हाईवे और गांव बाजार

आम और ग्रामीण फल पड़ाव

जिला इतिहास शकरपुरी को आम और गन्ने के लिए बताता है। आम सीजन पड़ाव, फल ठेले और ग्रामीण उत्पाद बाजार शामिल करें।

विदुर कुटी, गंज और गंगा किनारा मार्ग

तीर्थ थाली और नदी मार्ग नाश्ता

विदुर कुटी, गंज और गंगा किनारे मंदिर मार्गों पर सरल शाकाहारी थाली, चाय, पकौड़ी, मिठाई और प्रसाद दुकानें।

एक दूसरे यात्री की नज़र से

यात्रा पत्रिका से।

संपादकीय समीक्षा के बाद नई कहानियाँ और रील्स यहाँ दिखाई देंगी।

वन · वर्षा · विराम
THE HINDUSTAN DEKHO CLUB

Find the paths between the postcards.

Open member field notes, quieter detours and thoughtful stories from the green side of India.

0 Club discoveries here Save stories for later Member trip planning
Discover membership
A LITTLE PLANNING GOES A LONG WAY

Before you set off.

अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है, खासकर विदुर कुटी, गंगा किनारा, नजीबाबाद और अमानगढ़ मार्गों के लिए। मानसून में हरियाली रहती है लेकिन नदी किनारा और वन क्षेत्र की पहुंच स्थानीय रूप से जांचें।

नवंबर से फरवरी · 6-23 C

सर्दी

विदुर कुटी, गंज, नजीबाबाद, नगीना शिल्प बाजार, अमानगढ़, कालागढ़ और गंगा पक्षी दर्शन के लिए अच्छा समय।

मार्च से जून · 28-42 C

गर्मी

नदी, किला और वन किनारा मार्ग सुबह करें। दोपहर की गर्मी में बाजार और भोजन पड़ाव छोटे रखें।

जुलाई से सितंबर · 24-33 C

मानसून

वन और नदी पट्टी हरियाली से भरती है, लेकिन गंगा जलस्तर, वन अनुमति, बांध मार्ग पहुंच और सड़क स्थिति जांचें।

हवाई मार्ग

देहरादून और नई दिल्ली एयरपोर्ट

    रेल मार्ग

    बिजनौर, नजीबाबाद और धामपुर रेल पहुंच

      सड़क और बस मार्ग

      मुरादाबाद, मेरठ, हरिद्वार और वन मार्ग